श्री हनुमंत सेना का उद्देश्य

(1) सनातन धर्म को मानने वाले किसी भी पंथ ,सम्प्रदाय,के संतों गृहस्थीओं को यथा योग्य सम्मान देकर सनातन धर्म के प्रचार प्रसार में हर सम्भव प्रयास करना (2) सम्पूर्ण भारत के हर मंदिरो को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करना एवं हिन्दू राष्ट्र की स्थापना हेतू 151 करोड़ हनुमान चालीसा पाठ कर हिन्दू राष्ट्र का शँखनाद कर समाज को जोड़ना (3) देश के धार्मिक लोगों, आध्यात्मिक लोगों ,सन्तों को संगठित करना (4) धार्मिक स्थलों कुंभ मेलों आदि क्षेत्रों में जन सेवा संत सेवा धर्मप्रचार ,योगसाधना, भंडारा जैसे अनेक कार्यक्रम आयोजितकरना (5) संत समाज की सुरक्षा व्यवस्था एवं सम्मान की रक्षा करना (6) हिन्दू धर्म की रक्षा एवं संरक्षण (7) गो सेवा एवं गौ शालाओं की स्थापना (8) नशा मुक्त समाज स्थापित करने के लिए अभियान चलाना (9) गरीब अनाथ असहाय लोगों की सेवा एवं संरक्षण (10) देश में व्याप्त आपसी जातिवाद को समाप्त करना (11) सभी मंदिरों की रक्षा करना एवं संचालित करना सेवा ,पुजारी आदि व्यबस्थाओं को देखना (12) भारतीय संस्कृति की रक्षा करना (13) शहीदों को सम्मान दिलाना (14) समय-समय पर लोगों को विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूक करना एवं रैली सम्पादित करना (15) भारतवर्ष की सभी हिंदू जातियों में समानता का भाव उत्पन्न कराना भाईचारा बनाना (16) कथा सत्संग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से जन जागृति एवं धर्म रक्षा करना (17) आध्यात्मिक बाताबरण में आधुनिक शिक्षा केन्द्र एवं वैदिक शिक्षा केंद्रों गुरुकुलों की स्थापना

संगठन की आचार संहिता

🕉️ श्री हनुमंत सेना पदाधिकारी नियुक्ति हेतु वैचारिक एवं आचार संहिता (हिंदुत्व – सनातन धर्म – गौ रक्षा – हिंदू राष्ट्र) 1️⃣ संगठन की वैचारिक निष्ठा • श्री हनुमंत सेना एक हिंदुत्ववादी संगठन है, जिसका उद्देश्य • हिंदू राष्ट्र की स्थापना, • सनातन धर्म की रक्षा एवं प्रचार, • गौ माता की रक्षा, • एवं हिंदू समाज का संगठन व उत्थान है। • पदाधिकारी को इन मूल उद्देश्यों में पूर्ण आस्था एवं निष्ठा रखना अनिवार्य होगा। 2️⃣ सनातन धर्म के प्रति प्रतिबद्धता • पदाधिकारी को सनातन धर्म, वेद, पुराण, देवी-देवताओं, साधु-संतों एवं धार्मिक परंपराओं के प्रति पूर्ण सम्मान रखना होगा। • सनातन धर्म के विरुद्ध किसी भी प्रकार का वक्तव्य, गतिविधि या समर्थन अनुशासनहीनता माना जाएगा। 3️⃣ गौ रक्षा संबंधी दायित्व • गौ हत्या, गौ तस्करी एवं गौ उत्पीड़न के विरुद्ध संगठन की नीति का पालन करना अनिवार्य होगा। • गौ रक्षा से जुड़े कार्य कानून, संगठन के निर्देश एवं सामाजिक मर्यादा के अंतर्गत ही किए जाएंगे। • व्यक्तिगत लाभ, उग्रता या अवैधानिक कृत्य संगठन के नाम पर करना पूर्णतः वर्जित है। 4️⃣ हिंदू समाज का संगठन • पदाधिकारी का दायित्व होगा कि वह • हिंदू समाज में एकता, जागरूकता एवं स्वाभिमान बढ़ाए, • धर्मांतरण, सांस्कृतिक आक्रमण एवं हिंदू विरोधी गतिविधियों के विरुद्ध वैचारिक एवं सामाजिक स्तर पर कार्य करे। 5️⃣ आचरण एवं चरित्र • पदाधिकारी का आचरण मर्यादित, अनुशासित एवं धर्मसम्मत होना चाहिए। • नशा, अनैतिक आचरण, महिला अपमान, भ्रष्टाचार या आपराधिक प्रवृत्ति संगठन की मूल भावना के विरुद्ध है। 6️⃣ संगठनात्मक अनुशासन • संगठन के राष्ट्रीय/प्रांतीय/जिला नेतृत्व के निर्देशों का पालन अनिवार्य होगा। • बिना अनुमति संगठन के नाम, झंडे, चिन्ह या पद का दुरुपयोग नहीं किया जाएगा। 7️⃣ मीडिया एवं सोशल मीडिया नीति • मीडिया या सोशल मीडिया पर संगठन की ओर से बयान केवल अधिकृत व्यक्ति ही देंगे। • ऐसा कोई संदेश, पोस्ट या भाषण नहीं दिया जाएगा जिससे संगठन की छवि, कानूनी स्थिति या सामाजिक संतुलन को क्षति पहुँचे। 8️⃣ राजनीति एवं अन्य संगठनों से संबंध • संगठन के निर्णय के बिना किसी राजनीतिक दल या अन्य संगठन की ओर से बयान देना या समर्थन करना निषिद्ध है। • पदाधिकारी व्यक्तिगत राजनीतिक गतिविधियों को संगठन से अलग रखेगा। 9️⃣ अनुशासनात्मक कार्रवाई • दिशा-निर्देशों के उल्लंघन पर संगठन को यह अधिकार होगा कि वह • चेतावनी • पद से हटाना • संगठन से निष्कासन • अथवा आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर सके। 🔟 पद की अस्थायी प्रकृति • सभी पद संगठन की आवश्यकता एवं कार्य-प्रदर्शन पर आधारित हैं और कभी भी बदले या समाप्त किए जा सकते हैं। ⸻ 🕉️

संगठन का संबिधान

🕉️ श्री हनुमंत सेना संगठन का संविधान (Constitution) प्रस्तावना श्री हनुमंत सेना एक हिंदुत्ववादी, राष्ट्रवादी एवं सनातन धर्म आधारित संगठन है, जिसकी स्थापना हिंदू राष्ट्र की स्थापना, सनातन धर्म की रक्षा, गौ माता की सुरक्षा तथा हिंदू समाज के संगठन और स्वाभिमान के उद्देश्य से की गई है। ⸻ अनुच्छेद 1 : संगठन का नाम इस संगठन का नाम “श्री हनुमंत सेना” होगा। अनुच्छेद 2 : संगठन का ध्येय एवं उद्देश्य 1. सनातन धर्म, हिंदू संस्कृति एवं परंपराओं की रक्षा व प्रचार 2. हिंदू राष्ट्र की वैचारिक स्थापना हेतु जनजागरण 3. गौ माता की रक्षा एवं गौ हत्या के विरुद्ध कार्य 4. हिंदू समाज को संगठित, जागरूक एवं सशक्त बनाना 5. धर्मांतरण, हिंदू विरोधी गतिविधियों का वैचारिक एवं सामाजिक स्तर पर विरोध 6. साधु-संतों, मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों की रक्षा ⸻ अनुच्छेद 3 : संगठन की प्रकृति • संगठन अराजनीतिक होगा, किंतु राष्ट्रवादी एवं हिंदुत्ववादी विचारधारा पर आधारित रहेगा। • संगठन संविधान एवं कानून के अंतर्गत कार्य करेगा। ⸻ अनुच्छेद 4 : सदस्यता 1. कोई भी हिंदू व्यक्ति जो संगठन के उद्देश्यों में आस्था रखता हो, सदस्य बन सकता है। 2. सदस्यता संगठन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया से होगी। 3. अनुशासनहीनता पर सदस्यता समाप्त की जा सकती है। ⸻ अनुच्छेद 5 : पदाधिकारी संरचना 1. राष्ट्रीय अध्यक्ष 2. राष्ट्रीय महासचिव 3. प्रदेश अध्यक्ष 4. जिला अध्यक्ष 5. तहसील/ब्लॉक अध्यक्ष 6. अन्य प्रकोष्ठ (युवा, महिला, गौ रक्षा आदि) सभी पद कार्य-प्रदर्शन व अनुशासन पर आधारित होंगे। ⸻ अनुच्छेद 6 : अधिकार एवं कर्तव्य • संगठन के प्रत्येक पदाधिकारी का कर्तव्य होगा कि वह • संगठन की विचारधारा का पालन करे • अनुशासन एवं मर्यादा बनाए रखे • संगठन की छवि को नुकसान न पहुँचाए ⸻ अनुच्छेद 7 : अनुशासन 1. अनुशासन भंग करने पर • चेतावनी • पदमुक्ति • निष्कासन की कार्रवाई हो सकती है। 2. निर्णय संगठन की अनुशासन समिति का अंतिम होगा। ⸻ अनुच्छेद 8 : वित्त एवं संसाधन • संगठन के संसाधनों का उपयोग केवल संगठनात्मक कार्यों हेतु होगा। • किसी भी प्रकार का निजी दुरुपयोग अपराध माना जाएगा। ⸻ अनुच्छेद 9 : संशोधन • संगठन आवश्यकता अनुसार संविधान में संशोधन कर सकता है। • संशोधन का अधिकार शीर्ष नेतृत्व के पास सुरक्षित रहेगा। ⸻ अनुच्छेद 10 : विघटन • संगठन का विघटन केवल केंद्रीय निर्णय से ही किया जा सकता है। ⸻ 🕉️ जय श्री राम श्री हनुमंत सेना

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